गुरुवार, 17 नवंबर 2011

सुपवा हसे त हसे चलनियों जेकरे बहत्तर छेद

कांग्रेस क राजकुमार कहला प पांडे जी ऐसे बिगदैलन जैसे लाल रंग देख सांड। कहलन कहो इ सब रहूलवा के राजकुमार कहत हवे इ साला सच्चों में कांग्रेस क नेतागिरी रजवान के ही तरह एक के बाद एक चला आवत हौ। वोमेश बनर्जी ससुर मर गैलन कांग्रेस बना के और ए,ओ हूम त देशवे में नहीं रहलन ,इ अंग्रेजन के बनवल पार्टी क उत्तराधिकारी भी लगभग अंग्रेज बाड़े स। पूरा देशवे भ्रष्ट भील बा केकरा कही लेकिन हाँ इ रहूलवा का चिल्लात हवे अरे सुपवा हसे त हसे चलनियो जेकरा बहत्तर छेद। कहलन ताहू कुछ कहबा की खली हमरे खून सस्ता भील बा इंहां के पीछे जरावे खातिर,हम कहे बाबा,सुपवा हसे त हसे ,चलनियां हसे त फसे।

गुरुवार, 3 नवंबर 2011

अपने करे त रासलीला दूसर करे त छिनारपन

अस्सी वाला पंडीजी मिललन शुरू कैलन कहे कहो इ रहूलवा का सन्कल हौ जब देखा तब सरपट भागत हौ ,कब्बो जवेद्वा के इहा जात हौ त कब्बों कन्हैय्वा क चाय पीयत हौ,इ सार सिकंदर बनल चाहत हवैं का गुरू?हमेशा सबके थरिया में खाय के चूतिया बनावत हौ ,कहत है की परदेस सरकार लुटेरी हवे ,अपने कौन चर्नामिरित बनावत हवे। हम कहे नहीं गुरु उ ठीक बा। गुरुआ बिग्दल कहे की अभ्यो तोहार कांग्रेस परेम गयल नाही । कहै की एक बात त ठीक हौ सुनली की एद्की बारी टिकट मांगे वालन के टी दूरे भागे देहलस,लेकिन एहू के दुसरे देश से बड़ा प्रेम बा हो। साला अपने करे त रासलीला और घुरहू करे त छिनारपन।