इस चक्कर में प्रशासनिक अमला जो कही दबाव में था वह असि को पाटने की फिराक में लग गया ,कई जगह पाइप भी पड़ गयी । आठ करोड़ अस्सी लाख रूपये असि के नाम पर कहा खर्च किये गए इसका जवाब आज तक प्रशासन देने में नाकाम है । इसके बाद लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन चुनाव सचेतक और वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने असि को भी अपने चुनाव का अखबारी एजेंडा बनाया ,,अब क्या था सारे दलों के सुर असि के लिए लयबद्ध हो गए । इस बीच बड़े मीडिया घराने से जुड़े एक चिकित्सक महोदय भी असि उद्धार का राग छेड़े और तो और एक बेहतर कार्य यह किये कि असल असि गंगा संगम तट पर जहाँ आज उमाभारती जी से सम्बंधित भव्य मठ कब्ज़ा कायम किये हुए है उन्ही से अपने तथाकथित डॉक्यूमेंट्री जिसमे पहले ही उन्होंने असि को मुर्दा घोषित कर दिया है का लोकार्पण कराये । प्राइवेट अस्पतालों और चिकित्सकों की वास्तविक स्थिति किसी से छिपी नहीं है ये पैसे के लिए लाश तक रोक लेते है ,उनके अंदर ये संवेदना देख अच्छा लगा लेकिन वहां की तो पूरी दाल ही काली निकली ।
समझ में नहीं आता की जीवंत कहा जाने वाला ये शहर उस वक्त इतनी मुर्दा कैसे हो गयी जब घटिया स्वार्थो की नियति पर इस नदी का राह मोड़ा जा रहा था । और ये अस्सी के बाद की सबसे बड़ी त्रासदी काशी के लिए कही जाय तो गलत नहीं होगा । असि के लिए किये गए सारे वायदे भी बाकि की तरह साहब ने करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी । हद तो तब हो गयी जब हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हम लोगों ने वहां देवदीपावली के दिन दीप जलाया । इस कार्यक्रम को करने के सन्दर्भ में हम लोगों ने जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को पत्रक देकर वहां साफ सफाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया ,,आश्वासन भी मिला लेकिन एक झाड़ू भी प्रशासन की तरफ से नहीं लगा ,,वैसे तो पूरे देश में झाड़ू चल रहे हैं ।
अतः हम आप सभी विद्वतजनों ,नौजवान साथियो ,और मित्रों से असि उद्धार हेतु आवाहन करते है । ,,याचना नहीं अब रण होगा--------
समझ में नहीं आता की जीवंत कहा जाने वाला ये शहर उस वक्त इतनी मुर्दा कैसे हो गयी जब घटिया स्वार्थो की नियति पर इस नदी का राह मोड़ा जा रहा था । और ये अस्सी के बाद की सबसे बड़ी त्रासदी काशी के लिए कही जाय तो गलत नहीं होगा । असि के लिए किये गए सारे वायदे भी बाकि की तरह साहब ने करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी । हद तो तब हो गयी जब हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हम लोगों ने वहां देवदीपावली के दिन दीप जलाया । इस कार्यक्रम को करने के सन्दर्भ में हम लोगों ने जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को पत्रक देकर वहां साफ सफाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया ,,आश्वासन भी मिला लेकिन एक झाड़ू भी प्रशासन की तरफ से नहीं लगा ,,वैसे तो पूरे देश में झाड़ू चल रहे हैं ।
अतः हम आप सभी विद्वतजनों ,नौजवान साथियो ,और मित्रों से असि उद्धार हेतु आवाहन करते है । ,,याचना नहीं अब रण होगा--------